सहारा इंडिया का पैसा कब मिलेगा – सहारा इंडिया पैसे का भुगतान कब करेगा
sahara india ka paisa kab milega
2012 में भारत में सहारा इंडिया परिवार योजना की वजह से काफी सारा घमासान मच गया था; इसका एकमात्र कारण यही था कि सहारा इंडिया परिवार की ओर से चलाई जा रही बचत योजनाओं पर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) द्वारा काफी ज्यादा शिकंजा कस दिया गया था।
सहारा इंडिया चिटफंड कंपनी इस समय निवेशकों का पैसा नहीं दे पा रही है जिस वजह से सहारा इंडिया के सीईओ सुब्रत राय पर सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है। इसी मुकदमे के कारण 1 वर्ष से ज्यादा समय तक उन्हें जेल के अंदर भी रहना पड़ा था। इस मुकदमे के अनुसार सेबी सहारा खाते में 25700 करोड रुपए जमा करना होंगे।
Sahara India ka Paisa Kab Tak Milega 2022?
पूरे उत्तर भारत में सहारा इंडिया परिवार के द्वारा चलाए जाने वाले चिटफंड कंपनी के जरिए बहुत सारी योजनाएं चलाई जा रही है; तथ्यों के अनुसार कंपनी लोगों से पैसा तो ले रही है परंतु कंपनी अपने निवेशकों की स्थिति के अनुरूप पैसा लौटा नहीं पा रही है, जिसका सीधा असर कंपनी के निवेशकों एवं कंपनी पर ही पड़ रहा है।
भले ही 2020 अप्रैल में कुछ निवेशकों का पैसा लौटाने का भरोसा कंपनी के द्वारा दिलाया गया था जिसके बाद कंपनी के ही द्वारा बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए जाने की खबरें भी थी जिसमें पैसे के भुगतान को लेकर बातें दर्शाई गई थी।
सहारा इंडिया का पैसा कब मिलेगा – सहारा इंडिया पैसे का भुगतान कब करेगा
sahara india ka paisa kab milega
2012 में भारत में सहारा इंडिया परिवार योजना की वजह से काफी सारा घमासान मच गया था; इसका एकमात्र कारण यही था कि सहारा इंडिया परिवार की ओर से चलाई जा रही बचत योजनाओं पर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) द्वारा काफी ज्यादा शिकंजा कस दिया गया था।
सहारा इंडिया चिटफंड कंपनी इस समय निवेशकों का पैसा नहीं दे पा रही है जिस वजह से सहारा इंडिया के सीईओ सुब्रत राय पर सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है। इसी मुकदमे के कारण 1 वर्ष से ज्यादा समय तक उन्हें जेल के अंदर भी रहना पड़ा था। इस मुकदमे के अनुसार सेबी सहारा खाते में 25700 करोड रुपए जमा करना होंगे।
Sahara India ka Paisa Kab Tak Milega 2022?
पूरे उत्तर भारत में सहारा इंडिया परिवार के द्वारा चलाए जाने वाले चिटफंड कंपनी के जरिए बहुत सारी योजनाएं चलाई जा रही है; तथ्यों के अनुसार कंपनी लोगों से पैसा तो ले रही है परंतु कंपनी अपने निवेशकों की स्थिति के अनुरूप पैसा लौटा नहीं पा रही है, जिसका सीधा असर कंपनी के निवेशकों एवं कंपनी पर ही पड़ रहा है।
भले ही 2020 अप्रैल में कुछ निवेशकों का पैसा लौटाने का भरोसा कंपनी के द्वारा दिलाया गया था जिसके बाद कंपनी के ही द्वारा बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए जाने की खबरें भी थी जिसमें पैसे के भुगतान को लेकर बातें दर्शाई गई थी।
अभी जो स्थिति है; उसके अनुसार अगले कुछ महीनों में पता चल जाएगा कि सहारा इंडिया परिवार देश के सभी जिलों में अपने निवेशकों को भुगतान का पैसा लौटा पाएगा या नहीं अधिक जानकारी के लिए सहारा एजेंट एवं सहारा की शाखा के प्रबंधक से संपर्क करके जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
पैसा ना वापस करने का कारण
पैसा लौटाने का एक यह कारण बताया जा रहा है कि सहारा इंडिया परिवार की चिटफंड कंपनी का 24000 करोड रुपए से ज्यादा पैसा सेबी सहारा खाते हैं फंसा हुआ है जिस वजह से स्थिति ज्यादा खराब हो गई है और निवेशकों को भुगतान करना भी कंपनी के द्वारा मुश्किल हो गया है। अभी सुप्रीम कोर्ट ने भी इस कंपनी के तमाम बैंक खातों के लेन-देन पर रोक लगा दी है; जिस कारण पैसा बैंक खातों में भी फस गया है कंपनी बहुत सारी फाइनेंशियल संकट से इस समय जूझ रही है और पासबुक की मची और की अवधि पूरी हो जाने के बाद भी वह भुगतान नहीं कर पा रही है।
इसके अलावा दूसरा कारण यह है कि नए निवेशक कंपनी के साथ नहीं जुड़ रहे हैं और वह बचत योजनाओं में धन जमा करने से भी कतरा में लग गए हैं, जिस वजह से नए खाते नहीं खुल पा रहे और कंपनी के पास अपनी कंपनी को चलाने के लिए पर्याप्त मात्रा में धन नहीं मिल रहा है।
सहारा इंडिया पेमेंट ना होने की स्थिति में नया खाता खोलना चाहिए या नहीं?
सभी कंपनियां इस वक्त काफी बुरे दौर से गुजर रही हैं इसलिए यही सलाह दी जा रही है कि इस प्रकार की चिटफंड कंपनियों में कम से कम निवेश किया जाए या ना ही निवेश किया जाए क्योंकि यह कंपनियां अभी भुगतान संकट के चलते पैसा नहीं दे पा रही और कहीं ना कहीं लोगों के पैसे कंपनियों में फस रहे हैं।
क्या सहारा इंडिया कंपनी पर भरोसा किया जा सकता है कि वह पैसा दे देंगे?
सहारा इंडिया पैसा कब देगी इसके बारे में कुछ भी अभी कहना मुश्किल है क्योंकि कंपनी में अप्रैल में भी निवेशकों को भरोसा दिलाया था परंतु वह अपना भरोसा कायम रखने में काफी नाकामयाब साबित हुए थे। कंपनी के इतिहास के मुताबिक कंपनी पिछले 40 साल से इसी क्षेत्र में काम कर रही है इसलिए कंपनी को भले ही भरोसेमंद ठहराया जा रहा है परंतु कुछ एजेंटों की लापरवाही के चलते कंपनी को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है और इसकी कई शाखाएं सही तरीके से काम भी नहीं कर रही हैं।
पूरे उत्तर भारत में यह एक काफी बड़ी कंपनी है परंतु अभी की स्थिति के कारण इस कंपनी के ऊपर लोग भरोसा करने से कतरा रहे हैं; यदि निवेशकों के पैसे समय पर वापस कर दिए जाएं तो इससे दुबारा से भरोसा कायम हो जाएगा क्योंकि यह काफी बड़ी कंपनी है।
सहारा–सेबी (Sahara-SEBI) विवाद
सहारा की कई सारी बचत योजनाओं को लेकर सेबी के द्वारा चलाई जा रही है जिसमें कई प्रकार की गड़बड़ियां सामने निकल कर आई है। जिसके कारण रियल स्टेट बांड योजना को सेबी के द्वारा पूरी तरह से बंद कर दिया गया है एवं निवेश किए गए पैसे को भी सीधी में जमा करवाने का आदेश दे दिया गया था; इसी वजह से पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। मामला कोर्ट में जाने के पश्चात सहारा इंडिया परिवार ने सेबी खाता में 24000 करोड रुपए जमा करवा दिए थे परंतु सेबी ने इस रकम को देश की गरीब जनता एवं निवेशकों को वापस नहीं किया जिस कारण आम जनता में सेबी की भी छवि काफी खराब हो चुकी है।
अभी भी इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में काफी लंबा केस चल रहा है जिस वजह से विवाद खत्म होने की अभी तक कोई संभावना नहीं है। तथ्यों को पूरी तरह से जांच करने के बाद यही कहा जा सकता है कि यह विवाद तभी खत्म हो पाएगा जब सुप्रीम कोर्ट के द्वारा कोई कठिन फैसला लिया जाएगा इसीलिए निवेशकों को फैसले की प्रतीक्षा करनी ही पड़ेगी।
सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन एवं सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के मामले में सहारा इंडिया की स्टेटमेंट
जहां सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन एवं सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा जुटाए गए धन को लेकर निवेशकों में उथल-पुथल है वहीं दूसरी तरफ सहारा बैंक अपने 95% से अधिक निवेशकों को पैसा वापस कर चुकी है ऐसे दावे किए जा रहे हैं। परंतु इसके अभी तक कोई भी प्रमाण नहीं मिल पाई है इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि सहारा इंडिया में भुगतान कर दिया है।
क्या अन्य योजनाओं में जमा पैसे का भुगतान सहारा इंडिया समूह द्वारा किया जा रहा है?
इस समय सहारा इंडिया के हालात इतने ज्यादा बुरे हैं कि उनके द्वारा जो दर्जनों की संख्या में बचत योजनाएं चलाई जा रही हैं उनका भुगतान भी पिछले 5 सालों से नहीं किया जा रहा है; जिसकी वजह से निवेशक भी खुद को ठगा सा महसूस करते हैं और सहारा पर लोगों का भरोसा खत्म होता जा रहा है। आम लोग इस कंपनी में नए खाते खुलवाने से कतरा रहे हैं और निवेशकों द्वारा भी भुगतान ना होने की वजह से खाते शुरू नहीं किए जा रहे।
