दिल्ली सरकार ने हाल ही में अपनी सौर नीति 2022 के मसौदे को मंजूरी दी।
दिल्ली की सौर नीति 2022 की प्रमुख विशेषताएं
2022 की नीति 2016 की नीति द्वारा प्रस्तावित स्थापित क्षमता को 2025 तक 2,000 मेगावाट से 6,000 मेगावाट तक संशोधित करती है ताकि दिल्ली की बिजली की मांग में सौर ऊर्जा का हिस्सा मौजूदा 9 प्रतिशत से 3 साल में 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सके।
इसका उद्देश्य सोलर पीवी सिस्टम के लाभों, प्रक्रिया से संबंधित दिशा-निर्देशों और समयरेखा के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए एक एकीकृत एकल-खिड़की राज्य पोर्टल बनाना है। इस पोर्टल का रख-रखाव दिल्ली सोलर सेल द्वारा किया जाएगा।
दिल्ली सरकार द्वारा सौर ऊर्जा की मांग बढ़ाने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (GBI) और पूंजीगत सब्सिडी जैसे विभिन्न प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
आवासीय, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और आवासीय कल्याण संघों के लिए मासिक GBI प्रदान किया जाएगा। वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए, जीबीआई सौर ऊर्जा चालू होने की तारीख से 5 साल के लिए प्रदान किया जाएगा। पहली बार 200 मेगावाट सौर परिनियोजन के लिए पहली बार औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए 1 रुपये प्रति kWh की प्रारंभिक-बोली GBI प्रदान की जाएगी।
6 फीट से अधिक न्यूनतम ग्राउंड क्लीयरेंस वाले ऊँचे ढांचों को लगाने के लिए आवासीय उपभोक्ताओं के लिए पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
रूफ टॉप सोलर पैनल से ऊर्जा के उत्पादन के लिए कर और शुल्क नहीं लगाया जाएगा चाहे वह स्वयं की खपत के लिए हो या ग्रिड को आपूर्ति की गई हो।
दिल्ली सरकार ने सोलर एनर्जी नीति के मसौदे को हरी झंडी दे दी है। दिल्ली सोलर एनर्जी नीति 2022 के मसौदे का मकसद साल 2025 तक 6,000 मेगावाट स्थापित सौर क्षमता का लक्ष्य स्थापित करना है। ताकि अगले 3 सालों में दिल्ली की वार्षिक बिजली मांग में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 9 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी की जा सके। इस मसौदे को अब स्टेकहोल्डर की टिप्पणियों के लिए 30 दिनों के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखा जाएगा। इसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के पटल पर रखा जाएगा।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि नई सोलर एनर्जी नीति दिल्ली में आवासीय और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (GBI) और पूंजीगत सब्सिडी के माध्यम से कई तरह के लाभ प्रदान करेगी। इस नीति का उद्देश्य क्लीन एनर्जी के रूप में सौर ऊर्जा की खपत बढाने के साथ दिल्ली में 12,000 से अधिक हरित रोजगार सृजित करना भी है। दिल्ली में अब 500 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा रूफटॉप एरिया वाली राज्य सरकार की सभी संपत्तियों पर सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य है। इसे चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा।
दिल्ली सरकार देगी सौर ऊर्जा के लिए प्रोत्साहन
सिसोदिया ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य दिल्ली सोलर सेल द्वारा एक इंटीग्रेटेड सिंगल-विंडो स्टेट पोर्टल बनाना है जो सौर पीवी सिस्टम, प्रक्रिया से संबंधित दिशानिर्देशों आदि के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के लिए सरकार विभिन्न प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी जैसे उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (GBI) और पूंजीगत सब्सिडी।
इससे देश में पहली बार उपभोक्ताओं को कम्युनिटी सोलर और पीयर-टू-पीयर ट्रेडिंग का अवसर भी मिलेगा। मासिक उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (GBI) के तहत आवासीय, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों, आरडब्ल्यूए, वाणिज्यिक और औद्योगिक (C&I) उपभोक्ताओं के लिए सिस्टम चालू होने की तारीख से पांच साल के लिए मासिक GBI मिलेगा, बशर्ते सिस्टम परिचालन अवधि (तीन साल) के भीतर चालू हो|

